IBM Share Price में आया 115 सालों का सबसे बड़ा क्रैश! क्या यह शेयर खरीदने का सही समय है?

IBM Share Price में आया 115 सालों का सबसे बड़ा क्रैश! क्या यह शेयर खरीदने का सही समय है?

By MoneyCal Team • 15 जुलाई 2026

ग्लोबल स्टॉक मार्केट (Global Stock Market) में निवेश करने वाले ट्रेडर्स के लिए 14 जुलाई 2026 का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं था। दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी टेक कंपनियों में से एक, IBM (International Business Machines) के शेयरों में एक ही दिन में 25% से ज्यादा की भारी गिरावट (Historic Crash) दर्ज की गई। यह कंपनी के 115 साल के इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। इस अचानक आए क्रैश ने वॉल स्ट्रीट (Wall Street) से लेकर दलाल स्ट्रीट तक के निवेशकों को हिला कर रख दिया है। आइए समझते हैं कि इस गिरावट के पीछे की असली वजह क्या है और क्या अब आपको IBM के शेयर खरीदने चाहिए या बेचने?

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IBM के शेयर क्यों गिरे? (Why IBM Stock Crashed)

इस भारी गिरावट का मुख्य कारण IBM द्वारा समय से पहले जारी की गई दूसरी तिमाही (Q2 2026) की वित्तीय रिपोर्ट थी। इस रिपोर्ट के आंकड़े बाजार की उम्मीदों से बहुत नीचे (Missed Expectations) रहे। कंपनी का Q2 रेवेन्यू 17.2 बिलियन डॉलर रहा, जबकि विश्लेषकों ने 17.8 बिलियन डॉलर का अनुमान लगाया था। इसी तरह, प्रति शेयर आय (EPS) भी अनुमानित 3.02 डॉलर के मुकाबले 2.93 डॉलर ही रही।

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AI हार्डवेयर का प्रभाव: कंपनी के सीईओ अरविंद कृष्णा ने बताया कि ग्राहकों ने अचानक अपना बजट सॉफ्टवेयर और मेनफ्रेम से हटाकर AI (Artificial Intelligence) से जुड़े हार्डवेयर (सर्वर और स्टोरेज) की तरफ मोड़ दिया है। इससे IBM के कोर बिजनेस, खास तौर पर नए z17 मेनफ्रेम प्रोग्राम को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, कंपनी कई बड़ी डील्स (Large deals) को समय पर क्लोज करने में भी फेल रही।

जब ग्लोबल मार्केट में इस तरह की हलचल होती है, तो कई बार भारतीय शेयर बाजार पर भी इसका असर पड़ता है। अगर आप शेयर बाजार के रिस्क से बचना चाहते हैं, तो बैंक एफडी (Fixed Deposit) आपके लिए एक सुरक्षित विकल्प है। अपना रिटर्न चेक करने के लिए आप हमारे FD Calculator का इस्तेमाल कर सकते हैं।

एनालिस्ट रेटिंग्स: Buy, Sell या Hold?

इस क्रैश के बाद कई बड़े ब्रोकरेज हाउसेस ने IBM की रेटिंग को डाउनग्रेड (Downgrade) कर दिया है। ओपेनहाइमर (Oppenheimer) ने इसे "आउटपरफॉर्म" से घटाकर "परफॉर्म" कर दिया है, जबकि HSBC ने इसके प्राइस टारगेट (Price Target) को काफी नीचे कर दिया है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट एक अस्थायी "टाइमिंग इश्यू" हो सकती है।

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अब सबकी निगाहें 22 जुलाई 2026 को होने वाली IBM की फुल अर्निंग कॉल (Earnings Call) पर टिकी हैं। तब तक के लिए ज्यादातर एनालिस्ट्स निवेशकों को "Wait-and-see" (रुको और देखो) मोड में रहने की सलाह दे रहे हैं। अगर यह ट्रेंड लंबे समय तक चला, तो IBM के लिए वापसी करना मुश्किल हो सकता है।

मार्केट में मंदी हो या तेजी, अगर आप अनुशासित होकर एसआईपी (SIP) के जरिए निवेश करते हैं, तो लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न बन सकता है। निवेश शुरू करने से पहले अपनी रणनीति बनाने के लिए हमारी वेबसाइट के SIP Calculator का उपयोग जरूर करें।

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भारतीय निवेशकों के लिए क्या है सबक?

IBM का क्रैश यह साबित करता है कि टेक्नोलॉजी के बदलते दौर (जैसे AI बूम) में बड़ी से बड़ी कंपनी को भी अपने बिजनेस मॉडल को तेजी से बदलना पड़ता है। भारतीय निवेशकों को भी टेक स्टॉक्स में पैसा लगाते समय कंपनी के फ्यूचर विजन को जरूर देखना चाहिए। किसी भी एक स्टॉक में सारा पैसा लगाने से बचें और हमेशा अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई (Diversify) करके रखें।

अपने टैक्स की सही कैलकुलेशन करके भी आप काफी पैसा बचा सकते हैं और उसे दोबारा निवेश कर सकते हैं। अपना सही टैक्स जानने के लिए हमारे Income Tax Calculator की मदद लें।

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निष्कर्ष

IBM के शेयरों में आई यह गिरावट नए निवेशकों के लिए एक रिस्की मौका (Risky opportunity) हो सकती है, लेकिन जब तक कंपनी की पूरी स्थिति साफ नहीं हो जाती, तब तक सावधानी बरतना ही समझदारी है।

अगर आप भारतीय शेयर बाजार और अन्य टेक कंपनियों से जुड़ी ऐसी ही ताज़ा खबरें पढ़ना चाहते हैं, तो आप हमारा एक और आर्टिकल ChatGPT and Claude AI Pricing in India भी पढ़ सकते हैं।

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