किशोर कुमार के वो 5 अनसुने किस्से जो आज भी आपको हैरान कर देंगे; जब महान गायक ने बिना पैसों के रिकॉर्ड किया था सदाबहार गाना!

किशोर कुमार के वो 5 अनसुने किस्से जो आज भी आपको हैरान कर देंगे; जब महान गायक ने बिना पैसों के रिकॉर्ड किया था सदाबहार गाना!

By MoneyCal Team • 7 जुलाई 2026

भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) के इतिहास में अगर किसी एक आवाज ने सबसे ज्यादा दिलों पर राज किया है, तो वो है किशोर कुमार (Kishore Kumar) की आवाज। गायक (Singer), अभिनेता (Actor), निर्देशक (Director), गीतकार (Lyricist) और संगीतकार (Music Director)— किशोर दा ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा (Versatile Talent) से बॉलीवुड (Bollywood) को वो सुनहरे गाने (Golden Songs) दिए हैं, जो आज कई दशकों बाद भी हर पीढ़ी (Generation) के दिलों में ताजा हैं। 'मेरे सपनों की रानी', 'रिमझिम गिरे सावन', 'पल पल दिल के पास' — ये गाने सिर्फ गाने नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति (Indian Culture) का हिस्सा हैं।

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किशोर कुमार (Kishore Kumar) का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा (Khandwa) में हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली (Abhas Kumar Ganguly) था। आज उनकी बर्थडे स्पेशल (Birthday Special) के मौके पर हम आपके लिए लेकर आए हैं उनकी जिंदगी के 5 ऐसे अनसुने और हैरान करने वाले किस्से (Unheard Stories), जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे।

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किस्सा 1: बिना पैसों के रिकॉर्ड किया सदाबहार गाना

यह कहानी 1960 के दशक (1960s) की है। किशोर कुमार ने एक फिल्म के लिए गाना रिकॉर्ड (Record) किया, लेकिन फिल्म के प्रोड्यूसर (Producer) ने उन्हें पैसे देने से मना कर दिया। प्रोड्यूसर का कहना था कि फिल्म का बजट खत्म हो गया है। किशोर दा ने बहुत ही शांति से कहा, "कोई बात नहीं, गाना अच्छा बन गया है, यही काफी है।" आज वही गाना बॉलीवुड के सबसे सदाबहार गानों (Evergreen Songs) में गिना जाता है और लाखों शादियों (Weddings) और पार्टियों में बजता है।

किशोर कुमार की तरह, कई बार जिंदगी में हमें अपने काम का सही मूल्य (Value) नहीं मिलता। लेकिन अगर हम अपने पैसों को सही जगह निवेश (Invest) करें, तो समय के साथ हमारी मेहनत का फल जरूर मिलता है। PPF Calculator से जानें कि कैसे एक छोटी बचत भी 15 सालों में एक बड़ी रकम बन सकती है।

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किस्सा 2: जब किशोर दा ने टैक्स देने से किया इनकार

किशोर कुमार अपनी सनकी (Eccentric) हरकतों के लिए भी उतने ही मशहूर थे। एक बार इनकम टैक्स (Income Tax) विभाग ने उन पर भारी टैक्स लगाया। किशोर दा ने गुस्से में अपने बंगले (Bungalow) के गेट पर एक बड़ा बोर्ड लगा दिया, जिस पर लिखा था— "यहां कोई नहीं रहता, कुत्तों से सावधान!" (Beware of Dogs, Nobody Lives Here)। जब टैक्स अधिकारी आए, तो उन्होंने देखा कि किशोर दा अपने कुत्तों (Dogs) के साथ लॉन में बैठकर गाना गा रहे हैं। इस किस्से पर बॉलीवुड में आज भी लोग हंसते हैं।

किशोर कुमार रिकॉर्ड: 8 बार फिल्मफेयर बेस्ट सिंगर अवॉर्ड विजेता (Record)। 2000+ गानों की रिकॉर्डिंग। 4 शादियां— रुमा गुहा ठाकुरता, मधुबाला, योगिता बाली, लीना चंदावरकर।

किस्सा 3: मधुबाला से प्रेम कहानी

किशोर कुमार और मधुबाला (Madhubala) की प्रेम कहानी (Love Story) बॉलीवुड की सबसे दर्दनाक (Heartbreaking) और खूबसूरत कहानियों में से एक है। मधुबाला दिल की बीमारी (Heart Disease) से पीड़ित थीं और डॉक्टरों ने उन्हें ज्यादा समय नहीं दिया था। लेकिन किशोर दा ने फिर भी उनसे शादी की और जीवन के अंतिम दिनों (Last Days) तक उनका साथ निभाया। मधुबाला के गुजरने के बाद किशोर दा बहुत टूट गए थे, लेकिन उन्होंने अपने दर्द को अपने गानों (Songs) में ढाल दिया।

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किशोर दा की जिंदगी हमें सिखाती है कि जिंदगी कितनी भी छोटी क्यों न हो, उसे भरपूर (Fullest) जीना चाहिए। और जिंदगी को भरपूर जीने के लिए आर्थिक (Financial) चिंताओं से मुक्त होना बहुत जरूरी है। Term Insurance Calculator से अपने परिवार को किसी भी अनिश्चितता (Uncertainty) से सुरक्षित करें।

किस्सा 4 और 5: सनकी जीनियस के और किस्से

किस्सा 4: एक बार किशोर दा को एक फिल्म में एक्टिंग (Acting) करनी थी, लेकिन उन्हें निर्देशक (Director) की स्क्रिप्ट पसंद नहीं आई। उन्होंने पूरी शूटिंग के दौरान अपने डायलॉग्स (Dialogues) उल्टे (Reverse) बोले, जिससे शूटिंग में पूरा गड़बड़ हो गया। अंत में निर्देशक को उनकी शर्तों (Terms) पर स्क्रिप्ट बदलनी पड़ी।

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किस्सा 5: किशोर दा अपने खंडवा (Khandwa) के पैतृक घर (Ancestral Home) से बेहद प्यार करते थे। मुंबई (Mumbai) में रहते हुए भी वे अक्सर कहते थे, "मेरा दिल खंडवा में रहता है।" उनकी इच्छा (Wish) थी कि उनके गुजरने के बाद उनके शरीर को खंडवा ले जाया जाए। 13 अक्टूबर 1987 को जब वे इस दुनिया से विदा हुए, तो उनकी यह आखिरी इच्छा पूरी की गई और खंडवा में उन्हें विदाई दी गई।

निष्कर्ष: आवाज जो कभी नहीं मरती

किशोर कुमार (Kishore Kumar) इस दुनिया में भले ही नहीं रहे, लेकिन उनकी आवाज (Voice) आज भी हर भारतीय के दिल में जिंदा है। उनके गाने आज भी रेडियो (Radio), स्पोटिफाई (Spotify) और यूट्यूब (YouTube) पर सबसे ज्यादा सुने जाते हैं। किशोर दा सिर्फ एक गायक नहीं, बल्कि एक भावना (Emotion) हैं।

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किशोर कुमार की तरह, आप भी अपनी जिंदगी को एक सदाबहार (Evergreen) गाने की तरह खूबसूरत बना सकते हैं। सही वित्तीय प्लानिंग (Financial Planning) से आपका भविष्य (Future) सुरक्षित और खुशहाल (Happy) होगा। MoneyCal के टूल्स से अपने पैसों को स्मार्ट तरीके से मैनेज करें। नॉस्टैल्जिया, बॉलीवुड और मनोरंजन जगत की ऐसी ही दिल छू लेने वाली कहानियों के लिए हमारे साथ बने रहें।