NSE और BSE पर हाहाकार! TCS, ITC और BEL के शेयरों में अचानक क्या हुआ?

NSE और BSE पर हाहाकार! TCS, ITC और BEL के शेयरों में अचानक क्या हुआ?

By MoneyCal Team • 15 जुलाई 2026

भारतीय शेयर बाजार (Share Market) हमेशा से ही अनिश्चितताओं का खेल रहा है। लेकिन जब दलाल स्ट्रीट पर एक ही दिन में करोड़ों रुपये स्वाहा हो जाते हैं, तो अच्छे-अच्छे निवेशकों के पसीने छूट जाते हैं। हाल ही में NSE और BSE पर एक ऐसा ही मंजर देखने को मिला। बाजार में आए अचानक भूचाल ने सेंसेक्स और निफ्टी को औंधे मुंह गिरा दिया। इस हाहाकार के बीच बाजार के कुछ सबसे भरोसेमंद दिग्गज शेयर्स जैसे TCS, ITC और BEL में भी भारी उथल-पुथल मची। आज हम आपको इस क्रैश की पूरी इनसाइड स्टोरी बताने जा रहे हैं, ताकि आप अपने निवेश को सुरक्षित रख सकें।

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बाजार में क्रैश का असली कारण क्या था?

मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में एक भारी बिकवाली (Sell-off) देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 561 अंक (0.72%) टूटकर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 159 अंक (0.66%) की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। इस गिरावट ने रिटेल निवेशकों को हिला कर रख दिया।

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इस क्रैश के पीछे कई बड़े ग्लोबल और लोकल फैक्टर जिम्मेदार थे। सबसे पहला कारण मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) था, जिसके कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमतों में अचानक भारी उछाल आ गया। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा कच्चा तेल सीधे हमारी अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डालता है। दूसरा बड़ा कारण था भारत का थोक महंगाई (Wholesale Inflation) डेटा, जो जून महीने में 9.87% के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

जब बाजार में महंगाई बढ़ती है और स्टॉक्स गिरते हैं, तो सबसे ज्यादा असर आपकी मंथली ईएमआई पर पड़ता है, क्योंकि बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। अपने बजट को सुरक्षित रखने के लिए आप हमारे Home Loan EMI Calculator के जरिए अपनी ईएमआई को फिर से कैलकुलेट कर सकते हैं।

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TCS: एक्स-डिविडेंड (Ex-Dividend) का असर

बाजार की इस अफरा-तफरी के बीच भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) में कुछ अलग ही ट्रेंड देखने को मिला। TCS के शेयर में उतार-चढ़ाव सिर्फ ग्लोबल मार्केट की वजह से नहीं, बल्कि एक अहम कॉर्पोरेट इवेंट की वजह से था। 15 जुलाई 2026 को TCS का शेयर "एक्स-डिविडेंड" (Ex-Dividend) हो गया।

जरूरी जानकारी: TCS ने अपने निवेशकों के लिए ₹12 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) का ऐलान किया था, जिसकी रिकॉर्ड डेट 15 जुलाई 2026 तय की गई थी। जब कोई शेयर एक्स-डिविडेंड होता है, तो आमतौर पर उसकी कीमत में डिविडेंड की राशि के बराबर गिरावट (Technical Adjustment) आती है।

हालांकि, 15 जुलाई को जब बाजार ने वापसी की, तो TCS उन चुनिंदा स्टॉक्स में शामिल था, जिन्होंने निवेशकों को शानदार मुनाफा दिया। आईटी स्टॉक्स हमेशा से लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहतरीन माने जाते हैं। अगर आप भी आईटी सेक्टर में SIP के जरिए निवेश करना चाहते हैं, तो SIP Calculator का इस्तेमाल करके अपने लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं।

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ITC और BEL का हाल: क्या निवेशकों को बेचना चाहिए?

FMCG सेक्टर का बादशाह माने जाने वाला ITC इस क्रैश में बुरी तरह पिटा। 14 जुलाई की गिरावट में ITC टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल था। यह शेयर पिछले कुछ समय से दबाव में चल रहा है और अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। महंगाई का बढ़ना FMCG कंपनियों के लिए हमेशा एक बुरी खबर होती है, क्योंकि इससे उनकी लागत बढ़ जाती है और मार्जिन कम हो जाता है।

दूसरी तरफ, डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी Bharat Electronics Limited (BEL) में भी काफी हलचल रही। हालांकि BEL को हाल ही में कई बड़े डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट्स मिले हैं, जिससे उसका ऑर्डर बुक काफी मजबूत हुआ है। लेकिन ओवरऑल मार्केट सेंटीमेंट खराब होने पर अच्छी कंपनियों के शेयर भी बिकवाली का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में BEL जैसे फंडामेंटली स्ट्रॉन्ग शेयरों को घबराहट में बेचना समझदारी नहीं है।

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अगर आप सीधे शेयर बाजार में रिस्क नहीं लेना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। बाजार के क्रैश होने पर म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करना हमेशा सुरक्षित माना जाता है। सही रणनीति के लिए हमारे Mutual Fund Calculator पर जाएं और अपने निवेश का प्लान बनाएं।

आगे क्या? निवेशकों के लिए स्मार्ट रणनीति

बुधवार, 15 जुलाई 2026 को भारतीय बाजार ने शानदार वापसी (Rebound) की। इसका मुख्य कारण ग्लोबल मार्केट्स से मिले पॉजिटिव संकेत और अमेरिका में उम्मीद से कम आई महंगाई दर (US Inflation Data) थी। अमेरिकी महंगाई दर कम होने का मतलब है कि वहां का फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी से बच सकता है, जो दुनियाभर के बाजारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।

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ऐसे क्रैश के माहौल में रिटेल निवेशकों को हमेशा धैर्य बनाए रखना चाहिए। अगर आपके पास TCS, ITC या BEL जैसे क्वालिटी स्टॉक्स हैं, तो हर गिरावट (Buy on Dips) को एक अवसर के रूप में देखें।

शेयर बाजार की इस तरह की महत्वपूर्ण जानकारियों और स्मार्ट इन्वेस्टमेंट आइडियाज के लिए, आप हमारे दूसरे आर्टिकल Market Crash India VIX को भी जरूर पढ़ें, जिससे आपको बाजार के रिस्क को समझने में और मदद मिलेगी। सुरक्षित निवेश के लिए हमेशा अपडेट रहें!

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