डॉलर के सामने पस्त हुआ रुपया, ₹94.8 तक गिरा: शेयर बाज़ार में मची भारी उथल-पुथल

डॉलर के सामने पस्त हुआ रुपया, ₹94.8 तक गिरा: शेयर बाज़ार में मची भारी उथल-पुथल

By MoneyCal Team • 24 जून 2026

शेयर बाज़ार (Stock Market) में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक ख़बर है। भारतीय रुपया (Indian Rupee) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारी दबाव में है और यह खिसककर लगभग ₹94.8 प्रति डॉलर के खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। रुपये की इस कमज़ोरी के कारण निफ्टी 50 (Nifty 50) और सेंसेक्स (Sensex) में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल रहा है। अगर आप जानना चाहते हैं कि ऐसे बाज़ार में पैसा कैसे सुरक्षित रखें, तो शेयर बाज़ार में निवेश की बुनियादी बातों को पढ़ना आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।

रुपया क्यों गिर रहा है और निफ्टी क्यों कांप रहा है? 📉

ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती ताकत और विदेशी निवेशकों (FIIs) द्वारा पैसा निकाले जाने के कारण रुपये पर लगातार दबाव बन रहा है। जब रुपया गिरता है, तो विदेशी निवेशकों के लिए भारत में पैसा लगाना कम मुनाफे का सौदा बन जाता है, जिसके कारण शेयर बाज़ार से पैसा बाहर जाने लगता है। यही वजह है कि निफ्टी इस समय बहुत अस्थिर (Volatile) बना हुआ है।

Advertisement

ऐसे अस्थिर माहौल में एकमुश्त निवेश (Lump Sum) करने के बजाय, हर महीने छोटी-छोटी रकम निवेश करना (SIP) ज़्यादा सुरक्षित और समझदारी भरा कदम माना जाता है। आप हमारे SIP कैलकुलेटर से यह देख सकते हैं कि अस्थिर बाज़ार में भी आपका पैसा कैसे बढ़ सकता है।

महत्वपूर्ण प्रभाव: भारत अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर कच्चा तेल (Crude Oil) आयात करता है। रुपया कमज़ोर होने से तेल आयात महंगा हो जाता है, जिससे महंगाई (Inflation) बढ़ सकती है।

किन सेक्टर्स को होगा नुकसान और किसे होगा फायदा? 📊

रुपये की इस कमज़ोरी का शेयर बाज़ार के अलग-अलग सेक्टर्स पर अलग-अलग असर होता है:

Advertisement
  • नुकसान (Losers): जो सेक्टर्स बहुत ज़्यादा कच्चा माल विदेशों से आयात (Import) करते हैं, उन पर सबसे बुरा असर पड़ेगा। इसमें ऑयल एंड गैस (Oil & Gas) और ऑटो (Auto) सेक्टर सबसे आगे हैं।
  • फायदा (Winners): जो सेक्टर्स भारत से विदेशों में सर्विस या सामान एक्सपोर्ट (Export) करते हैं, और जिनकी कमाई डॉलर में होती है, उनकी तो चांदी हो गई है। IT (Information Technology) और फार्मा (Pharma) कंपनियों के मुनाफे इस गिरावट से बढ़ सकते हैं।

निवेशकों को इस समय बाज़ार के नए अवसरों पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए। बाज़ार में आ रही नई कंपनियों की जानकारी के लिए हमारा Live IPO Dashboard ट्रैक करते रहें।

निवेशकों के लिए एक्शन प्लान: अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस करें। इस समय IT और फार्मा स्टॉक्स आपके पोर्टफोलियो को गिरावट से बचा सकते हैं, जबकि ऑटो और पेंट्स जैसे सेक्टर्स में सावधानी बरतें।