Shah Rukh Khan के बंगले 'Mannat' को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानें पूरा मामला

Shah Rukh Khan के बंगले 'Mannat' को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानें पूरा मामला

By MoneyCal Team • 15 जुलाई 2026

बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की लाइफस्टाइल और उनके आलीशान बंगले 'मन्नत' (Mannat) को लेकर फैंस में हमेशा एक अलग ही क्रेज रहता है। मुंबई के बांद्रा इलाके में समुद्र के किनारे स्थित मन्नत सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि एक टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है। लेकिन हाल ही में शाहरुख खान का यह बंगला एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गया था। 14 जुलाई 2026 को देश की सबसे बड़ी अदालत (Supreme Court) ने इस मामले पर एक बड़ा फैसला सुनाया है, जिसने शाहरुख के फैंस को बड़ी राहत दी है। आइए जानते हैं कि मन्नत को लेकर आखिर क्या विवाद था और कोर्ट ने क्या कहा।

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क्या था मन्नत से जुड़ा पूरा विवाद?

दरअसल, शाहरुख खान अपने बंगले मन्नत का रेनोवेशन (Renovation) और विस्तार करवा रहे हैं। उनकी योजना इस आलीशान सी-फेसिंग बंगले में दो नई मंजिलें (Two new floors) जोड़ने की है। इसके लिए उन्होंने तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ - Coastal Regulation Zone) से संबंधित सभी जरूरी अनुमतियां (Clearances) प्राप्त कर ली थीं।

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लेकिन, संतोष दौंडकर नाम के एक कार्यकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर दी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि मन्नत के विस्तार के लिए दी गई CRZ क्लीयरेंस में पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन हुआ है और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से सही तरीके से मंजूरी नहीं ली गई है। इससे पहले यही याचिका नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की पुणे बेंच ने भी 16 सितंबर 2025 को खारिज कर दी थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता की नीयत (Bona fides) पर ही गंभीर सवाल उठा दिए। चीफ जस्टिस ने साफ कहा, "हमें आपकी नीयत पर गंभीर संदेह है। जब हमें संदेह हो जाता है, तो हम ऐसी याचिका पर विचार नहीं करते।"

कोर्ट का अहम बयान: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी मकान मालिक कानून और नियमों का पालन करते हुए अपने घर का रेनोवेशन करता है, तो पड़ोसियों या किसी तीसरे व्यक्ति को इसमें दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उनका फैसला इस बात से प्रभावित नहीं है कि सामने वाला एक बड़ा फिल्म स्टार है; कानून सबके लिए समान है।

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शाहरुख के लिए इस फैसले के क्या मायने हैं?

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद शाहरुख खान के बंगले मन्नत के विस्तार का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। अब वे बिना किसी कानूनी रुकावट के अपने बंगले में दो नई मंजिलें जोड़ सकते हैं। यह फैसला उन सभी घर मालिकों के लिए भी एक नजीर (Precedent) बन गया है, जिन्हें अक्सर बेबुनियाद याचिकाओं के कारण निर्माण कार्यों में देरी का सामना करना पड़ता है।

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निष्कर्ष

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला यह दर्शाता है कि किसी भी सेलिब्रिटी को सिर्फ उनके नाम के कारण बेवजह परेशान नहीं किया जा सकता। मन्नत का निर्माण अब फिर से अपनी पूरी रफ्तार से शुरू हो सकेगा।

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