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Atmanirbhar Oilseeds Abhiyan: Self-Sufficient Scheme July 2025
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Frequently Asked Questions

Q: आत्मनिर्भर तिलहन अभियान क्या है?

यह भारत को तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और खाद्य तेल आयात कम करने की सरकारी योजना है।

Q: किसान इस योजना में कैसे भाग ले सकते हैं?

निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र में जाकर या ऑनलाइन एग्रीकल्चर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

Q: कौन सी तिलहन फसलें कवर होती हैं?

सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी, तिल, कुसुम और नाइजर मुख्य फसलें हैं।

Q: बीजों पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

छोटे किसानों को 90%, मध्यम को 75% और बड़े किसानों को 50% सब्सिडी मिलती है।

Q: न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी है?

हां, सभी तिलहन फसलों के लिए MSP की गारंटी है और सरकारी एजेंसियां खरीदारी करती हैं।

Atmanirbhar Oilseeds Abhiyan: Self-Sufficient Scheme July 2025

By MoneyCal Editorial TeamPublished 2026

Table of Contents

आत्मनिर्भर तिलहन अभियान 2025: भारत को तेल आयात से मुक्ति दिलाने की योजना

केंद्र सरकार द्वारा 10 जुलाई 2025 को शुरू किया गया आत्मनिर्भर तिलहन अभियान भारत की खाद्य तेल आयात निर्भरता को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान में भारत अपनी खाद्य तेल आवश्यकता का 60% आयात करता है, जो सालाना ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा की हानि करता है। इस अभियान का लक्ष्य 2030 तक इस आयात निर्भरता को 30% तक कम करना है।

भारत में तिलहन उत्पादन की वर्तमान स्थिति

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तिलहन उत्पादक देश है, फिर भी घरेलू मांग पूरी नहीं हो पाती।

उच्च उत्पादकता वाली किस्मों का विकास

अभियान के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित नई उच्च उत्पादकता वाली किस्में किसानों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Also Read

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  • DHR-1 सरसों: 25% अधिक उत्पादन
  • JS-2069 सोयाबीन: 30% अधिक तेल कंटेंट
  • ICGV-15074 मूंगफली: रोग प्रतिरोधी
  • KBSH-78 सूरजमुखी: कम पानी की आवश्यकता
  • GT-10 तिल: मशीनीकरण के लिए उपयुक्त

तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण

किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

  • ड्रिप इरिगेशन सिस्टम की स्थापना
  • प्रिसिजन फार्मिंग तकनीकें
  • एकीकृत कीट प्रबंधन
  • मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग
  • हार्वेस्टिंग और पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट
  • वैल्यू एडिशन और प्रोसेसिंग तकनीकें
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वित्तीय सहायता पैकेज

प्रोसेसिंग और मार्केटिंग सपोर्ट

अभियान के तहत तिलहन प्रोसेसिंग और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है।

  • कस्टम हायरिंग सेंटर्स की स्थापना
  • कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग
  • ऑयल एक्सट्रैक्शन यूनिट्स
  • क्वालिटी टेस्टिंग लैब्स
  • ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म
  • डायरेक्ट प्रोक्योरमेंट सेंटर्स

Frequently Asked Questions

Q: आत्मनिर्भर तिलहन अभियान क्या है?

यह भारत को तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और खाद्य तेल आयात कम करने की सरकारी योजना है।

Q: किसान इस योजना में कैसे भाग ले सकते हैं?

निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र में जाकर या ऑनलाइन एग्रीकल्चर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

Q: कौन सी तिलहन फसलें कवर होती हैं?

सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी, तिल, कुसुम और नाइजर मुख्य फसलें हैं।

Q: बीजों पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

छोटे किसानों को 90%, मध्यम को 75% और बड़े किसानों को 50% सब्सिडी मिलती है।

Q: न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी है?

हां, सभी तिलहन फसलों के लिए MSP की गारंटी है और सरकारी एजेंसियां खरीदारी करती हैं।