बिना इंटरनेट के भी होगा भुगतान: RBI ने लॉन्च किया डिजिटल रुपया (e₹) का \
Table of Contents
What's New
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) यानी डिजिटल रुपया (e₹) के लिए बहुत प्रतीक्षित
Why It Matters
डिजिटल रुपया न केवल यूपीआई (UPI) का एक विकल्प है, बल्कि यह भौतिक नकदी (Physical Cash) का डिजिटल स्वरूप है। ऑफलाइन मोड के साथ, यह नकद के सबसे बड़े लाभ -
- "पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान को 100% संभव बनाना।
- फीचर फोन (Non-Smartphones) का उपयोग करने वाले करोड़ों लोगों के लिए वित्तीय समावेशन।
- विमानों और ऊंचे समुद्रों (Cruises) में भी भुगतान संभव होगा।
- बैंक सर्वर डाउन होने की स्थिति में भी लेनदेन फेल नहीं होगा।"
यह तकनीक काम कैसे करती है? (How it works?)
ऑफलाइन ट्रांजैक्शन
Also Read
सुरक्षा और धोखाधड़ी से बचाव
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि
फीचर फोन यूजर्स के लिए लाभ
भारत में अभी भी लगभग 25 करोड़ लोग साधारण फीचर फोन का उपयोग करते हैं। आरबीआई के इस कदम से वे अब इंटरनेट या बैंक के पास जाए बिना अपने फोन से भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए किसी विशेष ऐप की नहीं, बल्कि बेसिक फोन सेटिंग्स या सिम अपडेट की आवश्यकता होगी।
यूपीआई और डिजिटल रुपया का अंतर
यूपीआई एक पेमेंट सिस्टम है जो बैंक खातों के बीच पैसे ट्रांसफर करता है, जबकि डिजिटल रुपया खुद एक करेंसी (मुद्रा) है। यूपीआई को चलने के लिए बैंक सर्वर और इंटरनेट चाहिए, लेकिन डिजिटल रुपया अब भौतिक नोट की तरह
Key Facts & Data
| तकनीक का नाम | e-Rupee Offline Protocol |
| ऑफलाइन ट्रांजैक्शन सीमा | ₹2000 प्रति लेनदेन |
| कुल ऑफलाइन वॉलेट सीमा | ₹20000 |
| उपकरण आवश्यकता | NFC या SIM-based Secure Element |
Key Takeaways
- "जल्द ही डिजिटल रुपया ऐप अपडेट करें और ऑफलाइन फीचर को एक्सप्लोर करें।
- कम नेटवर्क वाले इलाकों में यात्रा करते समय अपने e₹ वॉलेट में ₹500-1000 लोड रखें।"