India
By MoneyCal Editorial Team • Published 2026
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What's New
Why It Matters
रूस-यूक्रेन संकट के बाद दुनिया ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) पर ध्यान दे रही है। ग्रीन हाइड्रोजन भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकता है।
- "Zero Emissions: इसका इस्तेमाल केवल पानी और गर्मी छोड़ता है, कोई कार्बन नहीं।
- Heavy Industry Boom: स्टील और फर्टिलाइजर जैसे 'Hard-to-Abate' सेक्टर्स में क्रांति।
- Export Hub: भारत 2026 में यूरोप और जापान को ग्रीन हाइड्रोजन एक्सपोर्ट करने के लिए तैयार है।"
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किन शेयरों पर रखें नजर? (Top Stocks to Watch)
2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries), अडानी ग्रीन (Adani Green), और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) इस सेक्टर के दिग्गज बने हुए हैं। लेकिन छोटी कंपनियां जो इलेक्ट्रोलाइज़र के पुर्जे बनाती हैं, वे
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चुनौतियां: ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज
हाइड्रोजन बहुत हल्का और ज्वलनशील है। इसे तरल रूप में स्टोर करना महंगा है। 2026 में विशेष
Key Facts & Data
| Production Target 2030 | 5 MMTPA |
| Renewable Capacity Required | 125 GW |
| Cost Reduction | 40% in 5 years |
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Key Takeaways
- "ग्रीन एनर्जी म्यूचुअल फंड्स के जरिए इस क्रांति का हिस्सा बनें।
- सेक्टर की खबरों और सरकारी नीतियों (MNRE) पर नजर रखें।"