UPI ट्रांजैक्शन के लिए अब बायोमेट्रिक जरूरी: ₹5000 से ऊपर के भुगतान पर नई सुरक्षा परत
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What's New
मार्च 2026 से, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने UPI के माध्यम से ₹5000 से अधिक के सभी लेन-देन के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (फिंगरप्रिंट या फेस आईडी) को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। यह कदम बढ़ते
Why It Matters
UPI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन हाल के वर्षों में अनधिकृत लेन-देन की शिकायतों में 40% की वृद्धि देखी गई है। केवल पिन (PIN) पर निर्भरता अब पर्याप्त नहीं रही, क्योंकि जालसाज स्क्रीन रिकॉर्डिंग और सोशल इंजीनियरिंग के जरिए इसे आसानी से चुरा रहे हैं। बायोमेट्रिक सुरक्षा यह सुनिश्चित करती है कि भुगतान करने वाला व्यक्ति वास्तव में डिवाइस का मालिक ही है।
- "धोखाधड़ी के मामलों में 60% तक की कमी आने की उम्मीद।
- बुजुर्गों और कम तकनीकी ज्ञान वाले लोगों के लिए पिन याद रखने की तुलना में फिंगरप्रिंट आसान होगा।
- सिम स्वैप के जरिए होने वाली ओटीपी चोरी अब अप्रभावी हो जाएगी।
- बड़े लेन-देन (Real Estate, Luxury Goods) के लिए विश्वास बढ़ेगा।"
यह कैसे काम करेगा?
जब आप किसी मर्चेंट या व्यक्ति को ₹5000 से अधिक भेजेंगे, तो आपका ऐप पिन मांगने के बजाय (या पिन के बाद) फोन के इन-बिल्ट बायोमेट्रिक सिस्टम (फिंगरप्रिंट या फेस आईडी) को सक्रिय करेगा। इसे
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सुरक्षा विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि यह
Key Facts & Data
| अनिवार्य सीमा | ₹5000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन |
| लागू होने की तिथि | 1 मार्च 2026 |
| तकनीकी आवश्यकता | स्मार्टफोन में बायोमेट्रिक सेंसर होना अनिवार्य |
| वैकल्पिक सुरक्षा | पिन (PIN) अभी भी ₹5000 से नीचे के लिए मान्य रहेगा |
Key Takeaways
- "अपने बैंकिंग ऐप्स को तुरंत अपडेट करें।
- सुनिश्चित करें कि आपके फोन का बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट/फेस) सही तरीके से रजिस्टर्ड है।
- किसी भी अजनबी के साथ अपनी बायोमेट्रिक सेटिंग्स शेयर न करें।"