Digital Lending Guidelines RBI 2026
By MoneyCal Editorial Team • Published 2026
Table of Contents
What's New
2026 में, RBI ने डिजिटल लेंडिंग (Digital Lending) के लिए दूसरे चरण के सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब किसी भी लोन ऐप के लिए
Why It Matters
डिजिटल लोन मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी सुविधा है, लेकिन इसके साथ ही
- "पारदर्शिता में वृद्धि: कोई 'हिडन चार्ज' नहीं, केवल वही दिखेगा जो आप चुकाएंगे।
- रिकवरी पर लगाम: रिकवरी एजेंट्स सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद कॉल नहीं कर पाएंगे।
- सीधा भुगतान: पैसा सीधा बैंक से आएगा, जिससे थर्ड-पार्टी धोखाधड़ी का खतरा खत्म।
- डेटा सुरक्षा: ऐप्स अब आपकी तस्वीरों और वीडियो को एक्सेस नहीं कर सकेंगे।"
Advertisement
Key Fact Statement (KFS) क्या है?
यह एक पन्ने का दस्तावेज है जो हर डिजिटल लोन के साथ देना अनिवार्य है। इसमें लोन राशि, ब्याज दर, वार्षिक प्रतिशत दर (APR), प्रोसेसिंग फीस और देरी होने पर लगने वाले चार्ज को साफ-साफ दर्शाया जाता है।
Also Read
Advertisement
शिकायत कहाँ करें?
यदि कोई लोन ऐप आपसे बदतमीजी करता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो आप
Key Facts & Data
| डिजिटल लोन वॉल्यूम | ₹1,20,000 Cr |
| RBI रजिस्टर्ड ऐप्स | 120+ |
| शिकायत समाधान समय | 48 घंटे |
Advertisement
Key Takeaways
- "कभी भी किसी ऐप को अपने कॉन्टैक्ट्स या गैलरी का एक्सेस न दें।"