Capital Gains Tax 2026: LTCG 12.5%, STCG 20%
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बजट 2025-26 में सरकार ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को 10% से बढ़ाकर 12.5% और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) को 15% से बढ़ाकर 20% कर दिया है। हालांकि, LTCG की छूट सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.25 लाख की गई है। प्रॉपर्टी पर इंडेक्सेशन बेनिफिट खत्म कर दिया गया है, जिसकी जगह फ्लैट 12.5% LTCG लगेगा।
Why It Matters
भारत में 15 करोड़+ डीमैट खाताधारक हैं। हर निवेशक जो शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेचता है, उसे इन नए नियमों का सीधा असर झेलना पड़ेगा। गलत जानकारी या अनभिज्ञता से भारी टैक्स देनदारी बन सकती है।
- "इक्विटी निवेशक: ₹1.25 लाख से ऊपर के LTCG पर 12.5% टैक्स।
- प्रॉपर्टी मालिक: इंडेक्सेशन बेनिफिट खत्म — पुराने मकान बेचने पर ज्यादा टैक्स।
- म्यूचुअल फंड: इक्विटी फंड्स पर LTCG 12.5% और डेब्ट फंड्स पर स्लैब रेट।
- गोल्ड: भौतिक सोने पर अब 12.5% LTCG (पहले 20% विथ इंडेक्सेशन)।"
LTCG vs STCG: होल्डिंग पीरियड कैसे तय होता है?
लिस्टेड इक्विटी और इक्विटी म्यूचुअल फंड: 12 महीने से ज्यादा = LTCG। अनलिस्टेड शेयर और प्रॉपर्टी: 24 महीने से ज्यादा = LTCG। डेब्ट म्यूचुअल फंड: कोई LTCG बेनिफिट नहीं, सब स्लैब रेट पर। गोल्ड (भौतिक/डिजिटल): 24 महीने से ज्यादा = LTCG।
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टैक्स बचाने के उपाय
₹1.25 लाख तक के LTCG को हर साल बुक करें (Tax Harvesting)। प्रॉपर्टी बेचकर Section 54 में नया मकान खरीदें। Capital Gain Bonds (54EC) में ₹50 लाख तक निवेश करें। SIP में निवेश जारी रखें क्योंकि बार-बार बेचने से STCG लगेगा।
Key Facts & Data
| LTCG टैक्स (इक्विटी) | 12.5% |
| STCG टैक्स (इक्विटी) | 20% |
| LTCG छूट सीमा | ₹1.25 लाख/वर्ष |
Key Takeaways
- हर साल ₹1.25 लाख तक का LTCG बुक करें (Tax Loss/Gain Harvesting)।