जापान ने कहा है कि भारत के साथ उसकी पार्टनरशिप आने वाले समय में "दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण" साझेदारी बन सकती है।
जापान भारत के मुख्य रूप से 3 सेक्टर्स—इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, और मैन्युफैक्चरिंग में भारी निवेश करना चाहता है।
बदलती भू-राजनीति (Geopolitics) और दोनों देशों के साझा मूल्य (Shared Values) उन्हें एक-दूसरे के बेहद करीब ला रहे हैं।
जापान के इस रुख से साफ है कि आने वाले सालों में भारत में विदेशी निवेश (FDI) की बाढ़ आ सकती है।
भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स के लिए यह बेहद बुलिश (Bullish) संकेत है। लॉन्ग-टर्म निवेशकों की बल्ले-बल्ले हो सकती है।